दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर मंदिर में

- ठा. प्रकाश सिंह चौहान
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर मंदिर में,

और मैं भी दीवाना हो गया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,

मुस्काये जो सरकार

हो गया इक पल में ही प्यार,

अब मैं इस से ज्यादा क्या कहु,

जन्मो का रिश्ता होगया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,

दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर के मंदिर में,

जादू टोना कर देता ऐसा है ये जादूगर,

विश्वाश नहीं है मेरा तो आकार देखो उत्तरमुखी

सारा जग पीछे हो गया, श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,

दिल चोरी साडा हो गया श्री मेहंदीपुर के मंदिर में,

छोटा सा है ये मंदिर सब कुछ है इसके अंदर,

जो हार के दर पे आता वो बन जाता है सिकंदर,

निर्धन भी राजा हो गया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,

दिल चोरी साडा हो गया मेहंदीपुर के मंदिर में,

सेठो का सेठ कहाता दोनों हाथो से लुटाता,

जो सच्चे मन से आता जीवन भर मौज उड़ाता,

मन चाहा पूरा हो गया, श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,

दिल चोरी साडा हो गया मेहंदीपुर के मंदिर में,

प्रकाश हुआ मत वाला तूने ऐसा जादू कर डाला,

सारी दुनिया से बढकर लगता है मेहंदीपुर वाला,

तेरा जग ये दीवाना हो गया श्री उत्तरमुखी के मंदिर में,

दिल चोरी साडा हो गया मेहंदीपुर के मंदिर में,

लेखक :- ठा. प्रकाश सिंह चौहान

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।