फागण में खोखा 4 लागे से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम बाबा श्याम बाबा घणा होशियार लागे से

फागण की त्यारी में खोखा चार लागे स ॥

खाटूवालो श्याम धणी को भोत बड़ो दरबार

फागण मेलो खर्चोलो है खर्चो बेसुमार

काई बोलूं मैं -2 तूँ समझदार लागे स ॥

ठाट बाट स ना जावा तो हो जावे हल्काई

फागण म नहीं नोट उड़वा हो जावे लोग हसाई

तेरे भक्ता की -2 भरमार लागे स ॥

श्याम धणी म्हारो समझ इशारों मतना मुंह खुलवाओ

नहीं बुलाना हो तो कहदे म्हासू क्यों नटववे

बिना पीसा क -2 सब बेकार लागे स ।

क्या ताई म्हारी खोव बाबा, क्या ताई थारी खोव

पिसा को तो काम सावरा, पिसा स ही होवे

दुनिया जाण -2 इज्जतदार लागे स ॥

या मत सोच सेठ सावरा खोखा चार ज्यादा

इतना से मेरो काम चलेना, मैं हूँ सीधा साधा

मिलण ताई दिल -2 बिकार लागे से

हर ग्यारस बारस को खर्चा साराएम आगया

शरम चढ़ बनवारी थासू फेर दुबारा मांग्या

केवल तू ही श्याम रिश्तेदार लागे से

गायक विकास झा 79806 72853

लेखक जय शंकर चौधरी जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।