सुनता है तू सदा, हारो की सांवरे

कमल जी
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दर पे आया हूं मैं.. हो

दर पे आया हूं मैं,

दुनिया से हार के,

सुनता है, तू सदा,

हारों की सांवरे

खाटू की,अदालत में,

बैठा है मेरा सांवरिया,

उसके हाथों,छोड़ दिया,

जीवन का हर फैसला,

श्याम धनी के होते कोई ग़म,

मुझको तो नहीं,

पूरा विश्वास है... हो ओ ओ

पूरा विश्वास है,मुझको तो श्याम पे,

सुनता है,तू सदा,हारों की सांवरे

चाहे मुझको,गले लगा ले,

चाहे ठोकर मार दे,

खाली न,लौटूंगा,बाबा मैं तेरे द्वार से,

इसके द्वार से खाली कोई भगत,

लौटा ही नहीं,

मिलते है,सारे सुख हो .. हो ओ ओ

मिलती है,सारे सुख,श्याम दातार से

सुनता है,तू सदा,हारों की सांवरे

तेरे इश्क में,सांवरे ,

सब कुछ लुटाके बैठा हूं

आके इक बार,अपना कह दे,

आखिर तेरा बेटा हूं,

जैसे सन्नी की, हर बात बनाई,

मेरे श्याम धनी

कमल की,नाव भी,..हो ओ ओ

कमल की,नाव भी,हो पार मझधार से

सुनता है,तू सदा,हारों की सांवरे

गायक : सन्नी श्याम दीवाना (9996331214)

लेखक : कमल जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।