ऐसो रंग रंगीलो फागण जा में कितने रंग समाय...

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐसो रंग रंगीलो फागण...जा में कितने रंग समाय...

कितने रंग समाय...बाबा थारे खाटु के माय...2

कोई लेर निशान चले है...कोई गाडी चढ़ कर आये...

कोई पेट पलणीय़ा खाये...बाबा थारे खाटु के माय...

कोई झुमे नाचे गाये...कोई ढप और चंग बजाये...

कोई रंग गुलाल उडाये...बाबा थारे खाटु के माय...

कोई दर्श करे आंशु छलकाये...कोई अर्जी लेकर आये...

कोई जात जडूला लाये...बाबा थारे खाटु के माय...

कोई सवामणी करवाये...कोई छप्पन भोग लगाये...

कोई मांग मांग कर खाये...बाबा थारे खाटु के माय...

कोई ज़िमे भंडारे मे...कोई होटल माही जाये...

कोई कढी कचौरी खाये...बाबा थारे खाटु के माय...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।