होली खेल रहे बांके बिहारी , आज वृन्दावन में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

होली खेल रहे बांके बिहारी , आज वृन्दावन में,

उनके संग है राधा प्यारी , आज वृन्दावन में ,

होली खेल रहे बांके बिहारी , आज वृन्दावन में,

उनके संग है राधा प्यारी , आज वृन्दावन में ,

दोनों एक दूजे पे, रंग बरसा रहे ,

दोनों एक दूजे पे , रंग बरसा रहे ,

भक्तो के मन देखो, कैसे हर्षा रहे ,

भक्तो के मन देखो, कैसे हर्षा रहे ,

उनको देख रही दुनिया सारी, आज वृन्दावन में ,

होली खेल रहे बांके बिहारी , आज वृन्दावन में ,

उनके संग है राधा प्यारी , आज वृन्दावन में ,

यमुना का किनारा , बड़ा दिलकश नजारा ,

यमुना का किनारा , बड़ा दिलकश नजारा ,

धरती पे स्वर्ग, आज किसने उतारा,

धरती पे स्वर्ग, आज किसने उतारा,

देखो थम गयी सासे हमारी , आज वृंदावन में ,

होली खेल रहे बांके बिहारी , आज वृन्दावन में ,

उनके संग है राधा प्यारी , आज वृन्दावन में ,

पूरा बृज धाम आज , रंग में रंगा है ,

पूरा बृज धाम आज , रंग में रंगा है ,

रंग गुलाल का, जैसे मैला लगा है ,

रंग गुलाल का, जैसे मैला लगा है ,

देखो उड़ रहा रंग गुलाल , आज वृन्दावन में ,

होली खेल रहे बांके बिहारी , आज वृन्दावन में ,

उनके संग है राधा प्यारी , आज वृन्दावन में ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।