देखो नन्दी पे होके सवार

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

देखो नंदी पे हो के सवार

देखो, नंदी पे, हो के सवार,

चला है, मेरा, बंम भोला ॥

नाग, काला, हो नाग काला,

नाग, काला, गले में, लिया धार,

चला है, मेरा बंम भोला ।

देखो, नंदी पे, हो के...

हाथों में, त्रिशूल, ओढ़े मृगशाला जी ।

माथे पे, चंदा है, बड़ा ही निराला जी ॥

और, जटाओं में, और जटाओं में,

और, जटाओं में, गंगा की धार,

चला है, मेरा, बंम भोला ।

देखो, नंदी पे, हो के...

धूणा, मसानों में, भोले का लगे जी ।

भोले के, संग टोला, भूतों का सजे जी ॥

गोला, भांग का, ओ गोला, भांग का ।

गोला, भांग का, चढ़ा के दो दो चार,

चला है, मेरा, बंम भोला ।

देखो, नंदी पे, हो के...

भक्तों पे, किरपा, करे हैं भोले नाथ जी ।

करे, सुनीता, तुझी पे विश्वास जी ॥

कहे, जगदेव, ओ कहे जगदेव,

कहे जगदेव, सुनो लो पुकार,

चला है, मेरा, बंम भोला ।

देखो, नंदी पे, हो के...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।