बाबा तेरी शरण में जो आता कभी कभी

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॥ पावन पाठ ॥

बाबा तेरी शरण में जो आता कभी कभी

आते ही कई ढोंग दिखाता जो है नहीं

ये जो चमकदार बनाई तूने दशा/ छटा

कैसा है तेरा हाल बताना सही सही

ये जो शरण मिली तो भला क्या जतन करे

आया समय पे प्रेम से पाना, वो ही सही

इतना भले ना ज़िक्र किया कर खुद ही का ही

करले जो तेरा काम ठिकाने से ही सही

शुभम् - सुमित (शर्मा ब्रदर्स)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।