ऐ देवा सुन मेरी देवा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ऐ देवा सुन मेरी देवा, ऐ देवा सुन मेरी देवा

सारी उम करां मैं तेरी सेवा, पहाड़ां बिच रहण वालिये

पहाड़ां बिच रहण वालिये

ऐ चूड़ा मां दा चूड़ा, ऐ चूड़ा मां दा चूड़ा

तेरे चूड़े दा रंग लाल सूहा, पहाड़ां बिच रहण वालिये

पहाड़ां बिच रहण वालिये

ऐ देवा…

ऐ मांवा ठंडियां छांवां, ऐ मांवा ठंडियां छांवां

ठंडियां छांवां, मांवा ठंडियां छांवां

शांतों रहण सदा परछांवां, पहाड़ां बिच रहण वालिये

पहाड़ां बिच रहण वालिये

ऐ देवा…

ऐ चुनियाँ मां दियां चुनियाँ, ऐ चुनियाँ मां दियां चुनियाँ

प्यारी प्यारी चुनियाँ, सोहनी सोहनी चुनियाँ

तैनू पूजेगी सारी दुनिया, पहाड़ां विच रहण वालिये

पहाड़ां विच रहण वालिये

ऐ देवा...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।