मैं तो कर रही रस्ता साफ़

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मैं तो कर रही रस्ता साफ़ राम मेरे कब घर आओगे,

राम मेरे कब घर आओगे, नाथ मेरे कब घर आओगे,

मैं तो कर रही रस्ता साफ़ राम मेरे कब घर आओगे,

मैने कब की आसा धारी, मैं बैठी करमा ध्यान भारी,

मेरे दिल हो रे बेहाल , नाथ मेरे कब घर आओगे,

मैं तो कर रही रस्ता साफ़ राम मेरे कब घर आओगे

कब दीन दुखी मत हीन दुखी,

भिलनी को कब अपनाओगे, नाथ मेरे कब घर आओगे,

मैं तो कर रही रस्ता साफ़ राम मेरे कब घर आओगे,

चुन चुन बेर प्रेम से लाई,

रघुराई कब पाओगे, नाथ मेरे कब घर आओगे,

मैं तो कर रही रस्ता साफ़ राम मेरे कब घर आओगे

यहाँ कुटिया में तुम भगवान,

कब चरण तुम लाओगे, नाथ मेरे कब घर आओगे,

मैं तो कर रही रस्ता साफ़ राम मेरे कब घर आओगे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।