भवानी अब झांक ल लाज म्हारी राख ल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भवानी अब झांक ले, लाज म्हारी राख ल।

जगदम्बा अम्बा... भवानी अब झांक ले, लाज म्हारी राख ल॥

लाज म्हारी राख ले... लाज म्हारी राख ल...

जगदम्बा अम्बा, भवानी अब झांक ल, लाज म्हारी राख ल॥

ऐ... थारा नाम का पुजारी॥सारा घर का नर नारी॥

म्हारी आत्मा दुखारी॥तू तो दया न विचारी॥

अए... बात म्हारी भाप ल, लाज म्हारी राख ल।

बात म्हारी भाप ल, लाज म्हारी राख ल।

अए... जगदम्बा अम्बा झांक ल, लाज म्हारी राख ल॥

लाज म्हारी राख ल... लाज म्हारी राख ल...

भवानी अब झांक ल...

आ... दुर्गा बड़ी सभी देवा म॥

दुर्गा बड़ी सभी देवा म॥

आडा सुर नर सब सेवा म॥दियो भोग षष्ठ मेवा म॥

ताजा त्यारी कर लेवा म्हे॥अए...ताजा त्यारी कर लेवा म्हे॥

अए... पेट भर धाप ले, लाज म्हारी राख ले।

पेट भर धाप ले, लाज म्हारी राख ले।

जगदम्बा अम्बा, झांक ल लाज...

लाज म्हारी राख ल... लाज म्हारी राख ल...

भवानी अब झांक ल... जगदम्बा अम्बा...

जय काली कलकत्ते वाली ॥तेरा भजन जाए ना खाली॥

दोन्यू हाथ बजा दी ताली ॥अपना भगत बसा वनशाली॥

अए... जगत में डाट ल, लाज म्हारी राख ल॥

भवानी अब झांक ल... लाज म्हारी राख ल॥

आ... अए तन अरज करु कर जोड़॥मेटदे दुश्मन को मरोड़॥

दोन्यू हाथ पांव दे तोड़॥दुष्ट को माथो दिजे फोड़॥

अए... बेरी ओल झांक ल, लाज म्हारी राख ल॥

भवानी अब झांक ल... लाज म्हारी राख ल...

Up।oader - DINESH SAINI

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।