मुझे दे दो भजन की वही माला - नया भजन

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॥ पावन पाठ ॥

मुझे दे दो भजन की वही माला

मुझे, दे दो, भजन की, वही माला ॥

वही, माला हाँ, वही माला ॥

मुझे, दे दो, भजन की, वही...

जो माला, सुदामा, जी को दीन्हीं ॥

महल, बना गए, नंद लाला ।

मुझे, दे दो, भजन की, वही...

जो माला, द्रौपदी, को दीन्हीं ॥

चीर, बढ़ा गए, नंद लाला ।

मुझे, दे दो, भजन की, वही...

जो माला, नरसी, जी को दीन्हीं ॥

भात, भरा गए, नंद लाला ।

मुझे, दे दो, भजन की, वही...

जो माला, मीरा, को दीन्हीं ॥

ज़हर, का अमृत, बना डाला ।

मुझे, दे दो, भजन की, वही...

जो माला, राधा, को दीन्हीं ॥

मुरली, सुना गए, गोपाला ।

मुझे, दे दो, भजन की, वही...

जो माला, गौरां, को दीन्हीं ॥

मिल, गया उसको, डमरू वाला ।

मुझे, दे दो, भजन की, वही...

जो माला, शबरी, को दीन्हीं ॥

बेर, जूठे, खा गए, राम लाला ।

मुझे, दे दो, भजन की, वही...

जो माला, हनु,मत को दीन्हीं ॥

सीना, फाड़ के, राम, दिखा डाला ।

मुझे, दे दो, भजन की, वही...

व्ही माला, सारी, संगत मांगे ॥

दर्श, दिखा दो, नंद लाला ।

मुझे, दे दो, भजन की, वही...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।