मेरे स्वामी श्री हरिदास, कृपा के सागर हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रिया लाल राजे जहां,ताहा वृंदावन जान

वृंदावन तज एक पग,जाए ना रसिक सुजान

तरज़-मेरी बिनती यही है राधा रानी

मेरे स्वामी श्री हरिदास,कृपा के सागर है

श्री हरिदास गाओ,श्री हरिदास

श्री हरिदास गाओ स्वामी हरिदास

श्री हरिदास श्री हरिदास-4

मेरे स्वामी श्री हरिदास,कृपा के सागर है

श्री हरि दास,कृपा के सागर है

सब रसिकन के सिरताज,कृपा के सागर है

कृपा के सागर है,श्री हरिदास कृपा के सागर है

मेरे स्वामी श्री हरिदास कृपा के सागर है...

श्री ललिता जु अवतारी,है रसिकन सुख दाता

श्री निद्धीवन रहे बिराज,कृपा के सागर हैं

कृपा के सागर हैं मेरे स्वामी श्री हरिदास कृपा के सागर हैं...

जो हुआ अनन्य स्वामी जू का, विपिन में उसे बसा लिया

दरसायेओ सखी समाज,कृपा के सागर हैं

कृपा के सागर हैं श्री हरिदास कृपा के सागर हैं

मेरे स्वामी श्री हरिदास कृपा के सागर हैं...

सदा नाम जो स्वामी जू का गाये, बिहारी जी को वो पाये

राख़ी चित्र विचित्र की लाज,कृपा के सागर हैं

कृपा के सागर हैं श्री हरिदास गाओ श्री हरिदास,

श्री हरिदास गाओ स्वामी हरिदास

श्री स्वामी श्री हरिदास कृपा के सागर हैं...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।