सखी री मैं तो बगिया में देख आई राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सखी री मैं तो बगिया में देख आई राम,

मोर मुकुट कर धनुष विराजत

भृकुटी ललित ललाम

सखी री मैं तो बगिया में देख आई राम,

चंचल चोर चपल चहूँ चितवत,

हर लिनेहूँ है राम,

सखी री मैं तो बगिया में देख आई राम,

वेग चलो निरख निज नैनन,

मन हर्षित सुख धाम,

सखी री मैं तो बगिया में देख आई राम,

रिझत राम, सिया भई व्याकुल,

देख विधाता बाम,

सखी री मैं तो बगिया में देख आई राम,

नृिप दशरथ घर जनम लियो है,

अवध पूरी है धाम

सखी री मैं तो बगिया में देख आई राम,

एक सँवरे और एक गोरे है,

सांवर है सुख धाम

सखी री मैं तो बगिया में देख आई राम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।