मोह माया म संगी

विनय पटेल
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मोह माया म संगी, तैहा झन भुलाना

मतलब के रिस्ता नाता मतलब के जमाना

सुख म सब पास आहि, दुख म सब दूर हो जाहि

कलयुग के ये जमाना जी, सुन दीदी भैया वो [3]

विधि के लिखना ल कोनो नई टाल सके

प्रभु के महिमा ल कोनो नई जान सके

मनमा तै राम बसाले, आना मोर संग म गाले

सबर जाहि जिंगानी जी, सुन दीदी भैया वो [3]

सत संग के गंगा म नाहा लेते जी ॥

हा नहा लेते दीदी वो जिनगी ल सुघर बना लेते

हा नाहा लेते भैया वो जिनगी ल सुघर बना लेते

पाप के मन भरे तन म,धोवाजाहि संगी सबो तोर अंग ह

नइहे ठिकाना गा जतन कर ले

चारे दिन के जिनगी हे भजन कर ले

पाछू परही पछताना जी सुन दीदी भैया वो [3]

नई जावय संग तोर बंगला अउ गाडी

एके झन जाना पढ़ही सुनले संगवारी

छूट जाहि घर दुवारी,अउ संगी संगवारी ॥

चिता म लेके सुताही सुन दीदी भैया वो [2]

मरघाटिया म लेके सुताही वो सुन दीदी भैया [2]

गायक : विनय पटेल

श्री मंदाकनी मानस परिवार ग्राम नुनछापर

कवर्धा( छत्तीसगढ़ )

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।