भोला लगदा बड़ा प्यारा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

माए नी माए भोला लगदा बड़ा‌ प्यारा

भोले तो बगैर साडा होना नहीं गुजारा

चंदा वाला गंगा वाला काले नागा वाला

क्या करने में महल चौबारे

पर्वत कुटिया पके माए कर लेना गुजारा

माए नी माए भोला लगदा बड़ा‌ प्यारा

चंदा वाला गंगा वाला काले नागा वाला

की करने मैं सूट साड़ि‌याँ

भगवा चोला पाके असा कर लेना गुजारा

माए नी माए भोला लगदा बड़ा‌ प्यारा

भोले तो बगैर साडा होना नहीं गुजारा

चंदा वाला गंगा वाला काले नागा वाला

क्या करने मैं गहने गटे

फुला दी माला पाके असां कर लेना गुजारा

माए नी माए भोला लगदा बड़ा‌ प्यारा

भोले तो बगैर साडा होना नहीं गुजारा

चंदा वाला गंगा वाला काले नागा वाला

की करने में पलंग नवारी

नीचे आसन लाके असां करना गुजारा

माए नी माए भोला लगदा बड़ा‌ प्यारा

भोले तो बगैर साडा होना नहीं गुजारा

चंदा वाला गंगा वाला काले नागा वाला

क्या करने में रिश्ते नाते

भोले दियो संगता नाल कर लेना गुजारा

माए नी माए भोला लगदा बड़ा‌ प्यारा

भोले तो बगैर साडा होना नहीं गुजारा

चंदा वाला गंगा वाला काले नागा वाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।