कैसे सजाऊँ भोले बाबा श्रृंगार तेरा कैसे सजाऊँ रे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कैसे सजाऊँ भोले बाबा

कैसे, सजाऊँ, भोले बाबा, श्रृंगार तेरा,

कैसे, सजाऊँ रे ॥

श्रृंगार तेरा, कैसे, सजाऊँ रे ।

जूड़ा, बनाऊँ बाबा, कैसे बनाऊँ ॥

गंगा की, बह रही, धारा श्रृंगार तेरा,

कैसे, सजाऊँ रे ।

कैसे, सजाऊँ, भोले बाबा...

कज़रा, लगाऊँ बाबा, कैसे लगाऊँ ॥

अंखियों में, ब्रह्माण्ड, सारा श्रृंगार तेरा,

कैसे, सजाऊँ रे ।

कैसे, सजाऊँ, भोले बाबा...

तिलक, लगाऊँ बाबा, कैसे लगाऊँ ॥

माथे पे, चंदा, उजियारा श्रृंगार तेरा,

कैसे, सजाऊँ रे ।

कैसे, सजाऊँ, भोले बाबा...

बेल पत्री, चढ़ाऊँ बाबा, कैसे चढ़ाऊँ ॥

गले, काला नाग़, फुंकारे श्रृंगार तेरा,

कैसे, सजाऊँ रे ।

कैसे, सजाऊँ, भोले बाबा...

माला, पहनाऊँ बाबा, कैसे पहनाऊँ ॥

मुंडन की, पहने हो, माला श्रृंगार तेरा,

कैसे, सजाऊँ रे ।

कैसे, सजाऊँ, भोले बाबा...

वस्त्र, पहनाऊँ बाबा, कैसे पहनाऊँ ॥

लिपटी, है मृग, छाला श्रृंगार तेरा,

कैसे, सजाऊँ रे ।

कैसे, सजाऊँ, भोले बाबा...

हाथों में, त्रिशूल बाबा, कैसे सजाऊँ ॥

डम डम, डमरू, वाला श्रृंगार तेरा,

कैसे, सजाऊँ रे ।

कैसे, सजाऊँ, भोले बाबा...

पैरों में, घुंघरू बाबा, कैसे पहनाऊँ ॥

नंदी ने, डाला है, डेरा श्रृंगार तेरा,

कैसे, सजाऊँ रे ।

कैसे, सजाऊँ, भोले बाबा...

आरती, उतारूँ बाबा, कैसे उतारूँ ॥

लहराए, है नाग़, काला श्रृंगार तेरा,

कैसे, सजाऊँ रे ।

कैसे, सजाऊँ, भोले बाबा...

हो के, प्रकट भोले, बाबा जी बोले ॥

मैं तो, भाव का, भूखा श्रृंगार मेरा,

ऐसे, सजाओ रे ।

कैसे, सजाऊँ, भोले बाबा, श्रृंगार तेरा,

कैसे, सजाऊँ रे ।

मैं तो, भाव का, भूखा श्रृंगार मेरा,

ऐसे, सजाओ रे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।