दिल मेरा रंग दे ओ डमरू वाले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दिल मेरा रंग दे

दिल, मेरा रंग दे... ओ डमरू वाले ॥

दिल, मेरा रंग दे... ओ डमरू वाले ॥

मन, मेरा रंग दे... ओ डमरू वाले ।

दिल, मेरा रंग दे... ओ डमरू...

जिस, रंग में तेरा, चंदा रंगा है ॥

चंदा, रंगा है तेरे, माथे पे सजा है ॥

ओहीओ रंग, रंग दे... ओ डमरू वाले ॥

दिल, मेरा रंग दे... ओ डमरू...

जिस, रंग में तेरी, गंगा रंगी है ॥

गंगा, रंगी है तेरे, सिर पर सजी है ॥

ओहीओ रंग, रंग दे... ओ डमरू वाले ॥

दिल, मेरा रंग दे... ओ डमरू...

जिस, रंग, में तेरा, नाग़ रंगा है ॥

नाग़, रंगा है तेरे, गले में सजा है ॥

ओहीओ रंग, रंग दे... ओ डमरू वाले ॥

दिल, मेरा रंग दे... ओ डमरू...

जिस, रंग, में तेरा, डमरू रंगा है ॥

डमरू, रंगा है तेरे, हाथ में सजा है ॥

ओहीओ रंग, रंग दे... ओ डमरू वाले ॥

दिल, मेरा रंग दे... ओ डमरू...

जिस, रंग में तेरी, गौरा रंगी है ॥

गौरा, रंगी है तेरे, संग में सजी है ॥

ओहीओ रंग, रंग दे... ओ डमरू वाले ॥

दिल, मेरा रंग दे... ओ डमरू...

जिस, रंग में तेरे, गणपति रंगे है ॥

गणपति, रंगे है तेरी, गोदी में सजे है ॥

ओहीओ रंग, रंग दे... ओ डमरू वाले ॥

दिल, मेरा रंग दे... ओ डमरू...

जिस, रंग में तेरा, नंदी रंगा है ॥

नंदी, रंगा है तेरे, चरणों में खड़ा है ॥

ओहीओ रंग, रंग दे... ओ डमरू वाले ॥

दिल, मेरा रंग दे... ओ डमरू...

जिस, रंग में तेरी, संगत रंगी है ॥

संगत, रंगी है तेरे, दर पे खड़ी है ॥

ओहीओ रंग, रंग दे... ओ डमरू वाले ॥

दिल, मेरा रंग दे... ओ डमरू...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।