कुछ बोलो तो मेरे श्याम धनी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कुछ बोलो तो मेरे श्याम धनी

अब तो बाबा कुछ नज़र करो

ना रह पाऊँ ,ना कह पाऊँ

दुनिया के ताने सुन सुन कर में हार गया

कुछ बोलो तो … ओ मेरे श्याम धनी

( तर्ज - चलों छोड़ो भी , अब जाने दो )

जब जब मैंने तुझको पुकारा , मैं माना तूँ आया

जब जब मैंने रोना चाहा, आँसू ना बह पाया

हरदम साया मेरा बन कर , तूने साथ निभाया

इतना क्या कम है ओ मेरे बाबा तुम बोलो …

कुछ बोलो तो … ओ मेरे श्याम धनी

जरा देखो तो … ओ मेरे श्याम धनी

तुम ही मुझसे रूठ गए तो , किस से बात करूँ में

जी उठा था में तुम से मिल कर , तुम जो है तो हूँ में

मुझसे यूँ नज़रे ना फेरना , कभी कृपा ना हटा ना

वरना बाबा क्या होगा मेरा तुम बोलो …..

कुछ बोलो तो … ओ मेरे श्याम धनी

जरा देखो तो … ओ मेरे श्याम धनी

ये कहना यश का मेरे बाबा , तुम्हें सोचना होगा ..

रीझा रीझा कर तुम्हें मनाया , हाथ पकड़ना होगा ..

तेरे भरोसे जीवन मेरा , तुझे समझना होगा ..

माना मेरे जैसे लाखो फिर भी , अपनालों

कुछ बोलो तो … ओ मेरे श्याम धनी

कुछ बोलो तो ओ मेरे श्याम धनी

अब तो बाबा कुछ नज़र करो

ना रह पाऊँ ,ना कह पाऊँ

दुनिया के ताने सुन सुन कर में हार गया

कुछ बोलो तो … ओ मेरे श्याम धनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।