सांचो थारो दरबार सेवक आया थारे दरबार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांचो थारो दरबार सेवक आया थारे दरबार बाबा ध्यान रखना,

घुमयो सारी दुनिया मिलयो न कोई साथी जो कवे अपना,

संता से सुनी है सांचो है एक साथी श्री श्याम अपना,

जग झूठा सपना,

सांचो थारो दरबार सेवक आया थारे दरबार बाबा ध्यान रखना,

बाबा थारो ताबर बड़ा ही दुखारियो सतावे है जहाँ,

यही मेरा सब कुछ पिता और माता मैं जाऊ गा कहा,

बस रहू गा यहाँ,

सांचो थारो दरबार सेवक आया थारे दरबार बाबा ध्यान रखना,

लखा का बढाया हा मेरा भी सवारों गा कारज जरुरु,

मेरी छोटी नैया खावे है हिचकोला ऊ मेरे हजूर माफ़ करना कसूर,

सांचो थारो दरबार सेवक आया थारे दरबार बाबा ध्यान रखना,

फूलो से सजवा थारी फोल वाडी पधारो रे गनश्याम,

भगता बीच बेठो सुनो सेके की अर्जी जो लेवे थारो तेरा नाम,

श्री श्याम श्री श्याम

सांचो थारो दरबार सेवक आया थारे दरबार बाबा ध्यान रखना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।