जैसी भी की तेरी भक्ति

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जैसी भी की तेरी भक्ति वो काम आ जाए

मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए

मैं मूरख और अज्ञानी करता आया मनमानी

मेरे सारे दोस भुला दो तुमसा न दयालुदानी

एक बारी तेरा मुझ पर यह एहसान हो जाए

मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए

यह धन दौलत की माया और पंचतंत्र की काया

सब छोड़ पड़ेगा जाना किसने कब साथ निभाया

जब दम निकले मुझे लेने मेरा श्याम आ जाए

मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए

ऋषियों ने यही कहा है वेदों में यही लिखा है

तेरा सुमिरन कर करते-करते जिसे जग छोड़ दिया है

भक्त वो सीधा ही तेरे धाम आ जाए

मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।