अम्बे अम्बे बोल मईया आएगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अम्बे अम्बे बोल मईया आएगी

धुन- धीरे धीरे बोल कोई सुन न ले

अम्बे अम्बे बोल, मईया आएगी,

आएगी मईया आएगी ॥

श्रद्धा से, माँ का गुणगाण कर,

और, थोड़ा सा, इंतज़ार कर...

हो अम्बे अम्बे...जय हो ॥।बोल, मईया...

आओ तुमको, ले चलूँ, जम्मू धाम,

यहाँ विराजे, वैष्णों, मईया नाम ॥

ऊँचे, भवनों में... मैया रानी है... ।

चल, टेढ़े मेडे रस्ते, पार कर,

और थोड़ा सा, इंतज़ार कर...

अम्बे अम्बे बोल, मईया...

आओ तुमको, ले चलूँ, मेहर धाम,

यहाँ मिलेगा, भक्ति, का वरदान ॥

माँ, शारदा... रूप प्यार दा... ।

चल, ऊँची नीची सीढियाँ, पार कर,

और माँ का, तूँ दीदार कर...

अम्बे अम्बे बोल, मईया...

आओ तुमको, ले चलूँ, कलकत्ता धाम,

यहाँ, धरे मईया, रूप बडे, विकराल ॥

कालों, की काल... महाँ, काली है... ।

वो करती सिंह, सवारी है,

और भक्तों की, पालनहारी है...

अम्बे अम्बे बोल, मईया...

लाखों में, किसी एक को, चुनती है,

अंदर की, आवाज़ को, सुनती है ॥

माँ अंबिका... जग दम्बिका... ।

वो भक्तों के दुखड़े, हरती है,

और बिगड़ी, उनकी बनती है...

अम्बे अम्बे बोल, मईया...

जय माता दी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।