चलो भोले बाबा की नगरिया में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

चलो भोले बाबा की नगरिया में,

नगरिया में, ओम नाम बांध लो गठरियां में।

चलो भोले बाबा की नगरिया में,

नगरिया में, ओम नाम बांध लो गठरियां में।

हरिद्वार जाके हम भोले को मनाएंगे,

भोले को मनाएंगे जी दिल से मनाएंगे,

भोले को बसा लो नजरिया में नजरिया में,

ओम नाम बांध लोग गठरियां में।चलो भोले बाबा की नगरिया में,

नगरिया में, ओम नाम बांध लो गठरियां में।

भोले की जटा से गंगा है बहती,

गंगा है बहती जी गंगा है बहती,

नहा लो हरि की नगरिया में नगरिया में,

ओम नाम बांध लोग गठरियां में।

चलो भोले बाबा की नगरिया में, नगरिया में,

ओम नाम बांध लो गठरियां में।

जो कोई भोले को मन से मनाए,

मन से मनाए मनचाहा फल पाए,

भर देते सबकी गगरिया ये गगरिया ये,

ओम नाम बांध लोग गठरियां में।

चलो भोले बाबा की नगरिया में,

नगरिया में, ओम नाम बांध लो गठरियां में।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।