अब तौ हरी नाम लौ लागी

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

॥मीराबाई पद ॥

राग मिश्र काफी-ताल तिताला

अब तौ हरी नाम लौ लागी

सब जग को यह माखन चौरा,

नाम धरयो बैरागीं॥

अब तौ हरी नाम लौ लागी...

कित छोड़ी वह मोहन मुरली,

कित छोड़ी सब गोपी।

अब तौ हरी नाम लौ लागी...

मूड़ मुड़ाइ डोरि कटि बांधी,

मात्थै मोहन टोपी॥

अब तौ हरी नाम लौ लागी...

मात जसोमति माखन-कारन,

बांधे जाके पांव।

अब तौ हरी नाम लौ लागी...

स्याम किसोर भयो नव गौरा,

चैतन्य जाको नांव॥

अब तौ हरी नाम लौ लागी...

पीतांबर को भाव दिखावै,

कटि कोपीन कसै।

गौर कृष्ण की दासी मीरा,रसना कृष्ण बसै॥

अब तौ हरी नाम लौ लागी...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।