कौंन जनम के जागे पुन्य हैं हमारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-कौंन दिशा को लेके चला रे बटोहिया

कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे

कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे

मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं

चरण बरसानें में बरसानें में

कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे

कौंन जनम के...

कितने जनम की तपस्या है ये,

मिल गया है बृज़ धाम हो

धाम मिला विश्राम मिला है,

जीवन को आराम हो

कौंन जनम के जागे पुन्य हैं हमारे,

कौंन जनम के जागे पुन्य हैं हमारे,

मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे

चरण बरसानें में बरसानें में

कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे

कौंन जनम के... 2.

बरसानों है धाम रगिंलो,

जहां बिराजे सरकार हो

बृज़ मण्डल की है महारानी,

राधा रगिंली है नाम हो

कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे

कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे

मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं

चरण बरसानें में बरसानें में

कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे

कौंन जनम के...

मन में तूं विश्वास जगाले,

पुरण होगी तेरी आस हो

श्री हरिदास शरण में रसका,

धसका मिले बृज़ वास हो

कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे

कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे

मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं

चरण बरसानें में बरसानें में

कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे

कौंन जनम के...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।