प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै

आलस भरी तुम लता कुंज में,रच

शैय्या पौढ़ावै जीवन भावै

प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...

तुम सोवौ मैं ब्यार डुरावौ,

भागै कह्यै नहिं जावै जीवन भावै

प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...

तुम हूं अकेली मैं हूं अकेली,

आनंद‌उर ना समावै जीवन भावै

प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...

बार बार छबि दखि देखि कैं,

उमगि नैन भरि आवै जीवन भावै

प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...

भोरी भुक्ति-मुक्ति नहिं चाहत,

जिन इक वह सुख पावै जीवन भावै

प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।