प्यारी जू की जीवन है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्यारे जू की जीवन है,नवल किशोरी गोरी ।

तैसी भांति प्यारी जू के,जीवन बिहारी है ॥

जोई-जोई भावै उन्हैं,सोई-सोई रुचै इन्हैं ।

एकै गति भई ऐसी,रंच को न न्यारी है ॥

प्यारे जू की जीवन है,नवल किशोरी गोरी ।

तैसी भांति प्यारी जू के,जीवन बिहारी है ॥

छिन-छिन देखि-देखि,छबि की तरंग नाना ।

प्रीतम दुहूँनि सुधि,देह की बिसारी है ॥

प्यारे जू की जीवन है,नवल किशोरी गोरी ।

तैसी भांति प्यारी जू के,जीवन बिहारी है ॥

हित ध्रुव रीझि-रीझि,रहै रति रस भीज़ ॥

प्रीति ऐसी अब लगि,सुनी न निहारी है ॥

प्यारे जू की जीवन है,नवल किशोरी गोरी ।

तैसी भांति प्यारी जू के,जीवन बिहारी है ॥

प्रेम के खिलौंना दोऊ,खैलत है प्रेम खैल ।

प्रेम फुल फुलन सों,प्रेम सेज रचि है ॥

प्रेम ही की चितवन,मुस्कान प्रेम ही की ।

प्रेम रंगी बात करें,प्रेम कैली मची हैं ॥

प्यारे जू की जीवन है,नवल किशोरी गोरी ।

तैसी भांति प्यारी जू के,जीवन बिहारी है ॥

बाबा धसका पागल पानीपत

‌ संपर्कसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।