बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,

आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,

तेरे बिना मैं कैसे , बसंत मनाऊगी ,

तू ना आया जो मोहन , मैं तो रूठ जाऊगी,

मुझको तुझसे प्यार हैं , तू मेरा दिलदार हैं ,

आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,

बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,

आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,

पहले कभी ना तेरा , मेने इंतज़ार किया ,

जब से हुई ही तेरी , तुझसे ही प्यार किया ,

अब ना होता इंतज़ार हैं , दिल ये बेक़रार हैं ,

आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,

बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,

आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,

तुझसे ये रिश्ता मेरा , सदियों पुराना ,

दिल ये मेरा कान्हा , बस तेरा ही दीवाना,

सुन ले दिल की पुकार ये, तू ही मेरा यार हैं ,

आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,

बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,

आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,

Bhajan Lyrics – Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।