जाना हमें कैलाश जय भोलेनाथ जय भोलेनाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जाना हमें कैलाश जय भोलेनाथ जय भोलेनाथ

जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥

काहे की, धरती बनी, काहे का अम्बर ॥

काहे का, बना संसार, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥

जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...

पाप, की धरती बनी, पुण्य का अम्बर ॥

मतलब का, बना संसार, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥

जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...

काहे, की माला बनी, काहे का जपना ॥

काहे में, लगा तेरा ध्यान, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥

जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...

तुलसी, की माला बनी, राम नाम जपना ॥

भक्ति में, लगा तेरा ध्यान, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥

जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...

काहे, की नईया बनी, कौन खवईया ॥

कौन, करेगा बेड़ा पार, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥

जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...

काठ, की नईया बनी, केवट खिवईया ॥

राम जी, करेंगे बेड़ा पार, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥

जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...

हर रह महाँदेव

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।