मोह लियो नंद कुमार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मोह लियो नंद कुमार

मोह, लियो, नंद कुमार,

हमारी, प्यारी राधा / श्री जी ने ॥

हमारी, प्यारी, राधा ने,

हमारी, प्यारी, श्री जी ने ॥

मोह, लियो, नंद कुमार...

घर घर, घुस के, माखन खावे ।

चोरी, करे चित्त, नैन चुरावे ॥

वो तो, छलिया, नंद्र कुमार...राधे x8 ॥

हमारी, प्यारी, राधा ने ।

हमारी, प्यारी, राधा ने,

हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।

मोह, लियो, नंद कुमार...

सखान, संग नित्त, बृज में डोले ।

बिन, बोले, इत्त-उत्त ही डोले ॥

वो तो, नट खटिया, सरकार...राधे x8 ॥

हमारी, प्यारी, राधा ने ।

हमारी, प्यारी, राधा ने,

हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।

मोह, लियो, नंद कुमार...

भोर, होत, गईयाँ को चरावे ।

कदम, बृक्ष पर, बंसी बजावे ॥

वो तो, बृज मंडल, रखवार...राधे x8 ॥

हमारी, प्यारी, राधा ने ।

हमारी, प्यारी, राधा ने,

हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।

मोह, लियो, नंद कुमार...

बड़े, बड़े, असुरन को मारियो ।

नाग, कालिया, पटक पछाड़ियो ॥

नख पे, गिरवर, लीनो धार...राधे x8 ॥

हमारी, प्यारी, राधा ने ।

हमारी, प्यारी, राधा ने,

हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।

मोह, लियो, नंद कुमार...

जय जय श्री राधे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।