देवास के खेड़ापति - मेरे खेड़ापति जी का मंदिर

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे खेड़ापति जी का मंदिर, देखो फूलों से कैसा सजा है।

एक एक फुल देखो यहां पर, कितनी तरकीब से जो लगा है ।।

चांद तारे भी फीके यहां पर, इतनी उजली सी इनकी छटा है।

आए लाखों करोड़ों यहां पर, बाबा दर्शन के दिए जा रहे है ।।

आते ही मिलते महाकाल बाबा, कृष्ण और राधा, सियाराम जी भी।

मां भवानी के सम्मुख है भैरव, राम को वे निहारे रहे है ।।

जो झुकाते है मस्तक यहां पर, उनका सर ना कही पर झुका है ।

इनके मंदिर में मिलती उम्मीदें, फिर से जीते है मन को लगा के ।।

शुभम - सुमित शर्मा (शर्मा ब्रदर्स)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।