साडा तेरे राहो होणां नहीं गुज़ारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साडा तेरे बाजो होणां नहीं गुज़रा,

तूं केड़ा नहीं जाणंदा

तेत्थौं वख़ होके मर जागें यारा,

तूं केड़ा नहीं जाणंदा

साडा तेरे बाजो होणां नहीं गुज़रा...

रब तों दुयावां विच,लेया तैंनूं मंग वे

तेरे तों बगैर फिक्के,ज़िन्दगीं दे रंग वे

तेरा प्यार साडे जीणं दा सहारा,

तूं केड़ा नहीं जाणंदा

साडा तेरे बाजो होणां नहीं गुज़रा,

तूं केड़ा नहीं जाणंदा

तेत्थौं वख़ होके मर जागें यारा,

तूं केड़ा नहीं जाणंदा

साडा तेरे बाजो होणां नहीं गुज़रा...

अम्बरां दी सोणेंया उचांई नाप लैवेंगा,

सागरां दी भावें गहराई नाप लैवेंगा

साडे प्यार दा नहीं लबणां किनारा,

तूं केड़ा नहीं जाणंदा

साडा तेरे बाजो होणां नहीं गुज़रा,

तूं केड़ा नहीं जाणंदा

तैत्थौं वख़ होके मर जागें यारा,

तूं केड़ा नहीं जाणंदा

साडा तेरे बाजो होणां नहीं गुज़रा...

मिलदी नहीं है यारा कित्थौं वी उधारी वे,

निक्की जैई ज़िन्दड़ी हे सच्ची बड़ी प्यारी वे

सुफ़ी तूं सानूं सावां तूं वी प्यारा,

तूं केड़ा नहीं जाणंदा

साडा तेरे बाजो होणां नहीं गुज़रा,

तूं केड़ा नहीं जाणंदा

तेत्थौं वख़ होके मर जागें यारा,

तूं केड़ा नहीं जाणंदा

साडा तेरे बाजो होणां नहीं गुज़रा...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।