घनश्याम तुम ना आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

घनश्याम तुम ना आये,जीवन ये बीता जाये

घनश्याम तुम ना आये,जीवन ये बीता जाये

घनश्याम तुम ना आये...

तेरा वियोग प्यारे,अब तो सहा ना जाये

एक बार आ भी जाओ,बैठे हो क्यों छिपाये

घनश्याम तुम ना आए,जीवन ये बीता जाये

घनश्याम तुम ना आये...

जीवन की संध्या बेला,अब आ चुकी हैं प्रीतम

उस वक़्त आ भी जाना,जब प्राण तन से जाये

घनश्याम तुम ना आए,जीवन ये बीता जाये

घनश्याम तुम ना आये...

मैं ढूढ़ती थी दर दर,पर तुम नज़र ना आये

मुझे क्या पता था मेरे,इस दिल में हो समाय

घनश्याम तुम ना आए,जीवन ये बीता जाये

घनश्याम तुम ना आये...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।