आओ गुरुवर मेरै डालू माला तेरे

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन गुरुदेव भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

आओ गुरुवर मेरे डालू माला तेरे तोहे द्ययाउ,

ऊँचे आसन पे तोहै बिठाऊँ,बहुत दिनों से थी यह इन्तजारी.

आज बड भाग्य जो गुरु जी आये,दरसन करने को प्रेमीजन द्याए,

भक्ति दे दो हरि. अब क्यू देरी करि महिमा गाउ,

ऊँचे आसन पे तोहै बिठाऊँ

आओ गुरुवर..........

गुरु कब लावे आने की बारी,

मन में सुवागत करू भक्ति मेवा भरु पार जाऊ ,

ऊँचे आसन पे तोहै बिठाऊँ,

आओ गुरुवर.........

प्रेम दासी को दे दो सहारा. निज सेवा में तन मन हमारा

सदगुरु ने दरसन दिया जीवन सफल किया वारी जाऊ,

ऊचे आसन पे तोहै बिठाऊँ

आओ गुरुवर.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।