तेरे द्वार खड़ा हूँ श्याम तू भर दे रे झोली

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे द्वार खड़ा हूँ श्याम, तू भर दे रे झोली,

हो श्याम भर दे रे झोली ,

तेरा होगा बड़ा उपकार , अगर तू सुन ले मेरी पुकार,

श्याम भर दे रे झोली, हो श्याम भर दे रे झोली ,

छोड़ दिए सारे रिश्ते मैंने , छोड़ दिया जग सारा,

भक्ति मांगने आया तेरे दर , भगत ये दुखियारा रे, भगत ये दुखियारा ,

तेरा होगा बड़ा एहसान , अगर मिल जाए भक्ति का ज्ञान,

श्याम भर दे रे झोली, हो श्याम भर दे रे झोली,

लुटा चुका हूँ सब कुछ अपना, मान के कहना तेरा ,

तू भी मिटा दे पल में मेरा , जन्म जन्म का फेरा रे , जनम जनम का फेरा,

तू कर दे एक उपकार, करा दे भव से मुझे तू पार,

श्याम भर दे रे झोली, हो श्याम भर दे रे झोली,

आ ही गया अब दर पे तेरे , खाली हाथ ना जाऊं,

तू है दाता बड़ा ही दयालु, प्यार तेरा में पाऊं रे , प्यार तेरा में पाऊं,

तेरा होगा बड़ा उपकार ,अगर मिल जाए थोड़ा प्यार,

श्याम भर दे रे झोली , हो श्याम भर दे रे झोली,

माता तू ही है, पिता तू ही है, सब कुछ है तू मेरा,

तुझसे प्रीत लगा के कान्हा , भक्त बना मैं तेरा रे , भक्त बना मैं तेरा,

मेरी नैया खड़ी मझदार, लगा दे भव से इसे तू पार,

श्याम भर दे रे झोली हो , श्याम भर दे रे झोली,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

Bhajan Voice - Jay Prakash & Priya Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।