मझधार में छोड़ चले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज : सजने का शौकीन

मझधार में छोड़ चले

क्यूं अपने दीवाने को

हमने क्या जन्म लिया

बस आंसु बहाने को ॥

इंतजार की हद तो श्याम

कुछ तो होती होगी

मेरे हाल को पढ करके

कुछ तो सोची होगी

आंधी का होता साथ ज्यूं दीये को बुलाने को॥

गम के पिंजरे का मैं

परकटा परिंदा है

सब कुछ सह करके

तेरी आश में जिन्दा हू।

देते हो औरो को क्या मुझको दिखाने को ॥

नजरो का बिछा के जाल

क्या दिन ये दिखाना था

आगे क्या कम थे दर्द

जो और बढ़ाना था

अब वक्त नहीं गुट्टू नजरों के फिराने को ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।