ऐ सितमगर क्या तुन्हें सितंम कर दिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐ सितमगर क्या तुन्हें सितंम कर दिया,

प्यार के बदले तुन्हें ग़म दे दिया

ऐ सितमगर क्या तुन्हें सितंम कर

दिया...

ऐसी मालुम तेरी जो होती मुझे,

अपने दिल में ना हरगिज़ बसाता तुझे

मैंने अन्ज़ानें में मैं ग़म का पिया,

प्यार के बदले तुन्हें,जख़्म दे दिया

ऐ सितमगर क्या तुन्हें सितंम कर,

प्यार के बदले तुन्हें ग़म दे दिया

ऐ सितमगर क्या तुन्हें...

तेरी तस्वीर आंख़ों के शीशे में है,

मेरी तक़दीर आंखों के शीशे में है

अपना ज़ानकर तुमको अपना लिया,

प्यार के बदले तुन्हें ग़म दे दिया

ऐ सितमगर क्या तुन्हें सितंम कर दिया,

प्यार के बदले तुन्हें ग़म दे दिया

ऐ सितमगर क्या तुन्हें सितंम कर दिया...

आजा सपनों में आनें वाले सामने भी आ,

अपनी सांवरी सलोनी सुरत हमको दिखा

मैंने अर्पंण तेरे ये तन मन किया,

प्यार के बदले तुन्हें ग़म दे दिया

ऐ सितमगर क्या तुन्हें सितंम कर दिया,

प्यार के बदले तुन्हें ग़म दे दिया

ऐ सितमगर क्या तुन्हें सितंम कर दिया...

तो पागल तेरा हुं मस्तांना तेरा,मैं दिवाना तेरा हुं दिवाना तेरा

तेरी नज़रों ने दिल मेरा घायल किया,

प्यार के बदले तुन्हें ग़म दे दिया

ऐ सितमगर क्या तुन्हें सितंम कर दिया,

प्यार के बदले तुन्हें ग़म दे दिया

ऐ सितमगर क्या तुन्हें सितंम कर दिया...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।