हे श्याम सुन्दर हे माधव मुरारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हे श्याम सुन्दर हे माधव मुरारी

हे श्याम, सुन्दर, हे माधव मुरारी,

हे नंद, नंदन, हे बांके बिहारी ॥

हे, भक्त वत्सल, हे वनवारी ॥

हे गोपी वल्लभ, हे कुंज बिहारी...

हे श्याम, सुन्दर, हे माधव...

राधे श्री राधे श्री राधे श्री राधे ॥

देवादि देव कृष्ण, यशोद्धा के नंदन,

द्वारिका, के नाथ हरी, चरणों में वंदन ॥

मुरली, धरा विनती, सुन लो हमारी,

मन, मोहना हम, शरण है तिहारी ॥

हे श्याम, सुन्दर, हे माधव...

राधे श्री राधे श्री राधे श्री राधे ॥

हे वासुदेवा, तुम हो निरंजन,

नटवर, नागर, हे दुःख भंजन ॥

योगेश्वरा, केशवा चक्रधारी,

नारायणा हम, तेरे पुजारी ॥

हे श्याम, सुन्दर, हे माधव...

राधे श्री राधे श्री राधे श्री राधे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।