आज बहुत पछताया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अपने किए पर तो भगवान में आज बहुत पछताया

पापों की गाड़ी सर पर उठा तेरे द्वार पर आया

जय जय राम कृष्ण हरे बोलो राम कृष्ण हरे

जय जय राम कृष्ण हरे बोलो राम कृष्ण हरे

जय जय राम कृष्ण हरे

किया नहीं किया हो नहीं सकता कौन यत्न किया जाए

चला गया जो समय लौट कर वापस कैसे आए

मैं कितना बेबस हूं बस में कुछ भी कर ना पाया

पापों की गठरी सर पर उठा तेरे द्वार पर आया

जय जय राम कृष्ण हरे बोलो राम कृष्ण हरे

जय जय राम कृष्ण हरे बोलो राम कृष्ण हरे

जय जय राम कृष्ण हरे

जी चाहे मैं रो रो के ये मन की आग बुझाओ

इतना रोने को मैं अपने आंसू कहां से लाऊं

मैं कितना बेबस हूं बस में कुछ भी कर ना पाया

पापों की गठरी सर पर उठा तेरे द्वार पर आया

जय जय राम कृष्ण हरे बोलो राम कृष्ण हरे

जय जय राम कृष्ण हरे बोलो राम कृष्ण हरे

जय जय राम कृष्ण हरे

Lyrics parshotam mahasha

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।