सेवादार बना ले दरबार का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सेवादार बना ले दरबार का,

तेरे मंदिराॅं च रवाॅं झाड़ू मारदा॥

तेरे बागे में लगे है सितारे बाबा

जैसे अंबर में चांद और तारे बाबा

जलवा देखा मैंने खाटू दरबार का

जलवा देखा मैंने तेरे दरबार का॥

आलू सिंह जी द्वारे तेरे आए बाबा

तेरी महिमा के बारे में गए बाबा

परचम लहराया है बाबा तेरे नाम का

परचम लहराया है खाटू वाले धाम का॥

कृपा तेरी से चला मेरा काम है

तेरी कृपा से ही तो मेरा नाम है

दर पर आया जब मैं पहली पहली बार था

दर्शन पाया तेरा पहली पहली बार था॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।