मीठे लगें तेरे बेर

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मीठे लगें तेरे बेर

मीठे, लगें तेरे बेर, शबरी मीठे लगें ॥

रामा, को देख शबरी, हो गई दीवानी ।

हो गई, दीवानी, हो गई दीवानी ।

रामा, को देख शबरी, हो गई दीवानी ।

चुन चुन के, लाई मीठे बेर, शबरी मीठे लगें ।

मीठे, लगें तेरे बेर, शबरी मीठे...

ये तो, बता दो, लाई कहाँ से ।

लाई, कहाँ से, लाई कहाँ से ।

ये तो, बता दो, लाई कहाँ से ।

दिए हैं, अमृत रस गेर, शबरी मीठे लगें ।

मीठे, लगें तेरे बेर, शबरी मीठे...

सारे, वनों में, हम घूमे हैं ।

हम, घूमे हैं, हम घूमे हैं ।

सारे, वनों में, हम घूमे हैं ।

कहीं, न खाए, ऐसे बेर, शबरी मीठे लगें ।

मीठे, लगें तेरे बेर, शबरी मीठे...

राम, चन्द्र जी ने, प्रेम से खाए ।

प्रेम से, खाए, प्रेम से खाए ।

राम, चन्द्र जी ने, प्रेम से खाए ।

लक्ष्मण ने, दिए बिखेर, शबरी मीठे लगें ।

मीठे, लगें तेरे बेर, शबरी मीठे...

राम, चन्द्र जी, देख मुस्काए ।

देख, मुस्काए, देख मुस्काए ।

राम, चन्द्र जी, देख मुस्काए ।

खाने, पड़ेंगे तुम्हें बेर, शबरी मीठे लगें ।

मीठे, लगें तेरे बेर, शबरी मीठे...

जब, लक्ष्मण को, शक्ति लगी थी ।

शक्ति, लगी थी शक्ति लागी थी ।

जब, लक्ष्मण को, शक्ति लगी थी ।

बूटी, बन गए बेर, शबरी मीठे लगें ।

बड़े, मीठे, लगें तेरे बेर, शबरी मीठे...

तुलसी, दास, भजो भगवाना ।

भजो, भगवाना, भजो भगवाना ।

तुलसी, दास, भजो भगवाना ।

अपने, भक्तों की, राखो टेर, शबरी मीठे लगें ।

बड़े, मीठे, लगें तेरे बेर, शबरी मीठे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।