मुझे मिल गए चारों धाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे मिल गए चारों धाम

धुन- मेरी लगी श्याम संग

मुझे, मिल गए, चारों धाम,

किशोरी तेरे, चरणों में ॥

किशोरी तेरे, चरणों में,

श्री राधे तेरे, चरणों में ।

मुझे, मिल गए, चारों...

लख लख, वारी, शीश निभाऊँ ।

चरणों, में, बलिहारी जाऊं ॥

करूँ, कोटि... ॥।कोटि, प्रणाम,

किशोरी तेरे, चरणों में ।

मुझे, मिल गए, चारों...

चरणों, की है, महिमा न्यारी ।

चरण, दबाए तेरे, बाँके बिहारी ।

तेरा, ध्यान हो... ॥।आठो याम,

किशोरी तेरे, चरणों में ।

मुझे, मिल गए, चारों...

पलकन, से तेरा, भवन बुहारूँ ।

असुवन, से तेरे, चरण पखारूँ ॥

करूँ, सेवा... ॥।मैं निष्काम,

किशोरी तेरे, चरणों में ।

मुझे, मिल गए, चारों...

धाम, छोड़कर, कहीं ना जाऊँ ।

उम्र, तेरे, चरणों में बिताऊँ ॥

जीवन का... ॥।है विश्राम,

किशोरी तेरे चरणों में ।

मुझे, मिल गए, चारों...

बरसाने में, मुझे बसा लो ।

अपने, दास को, चरण लगा लो ॥

मेरे, बन जाएँ... ॥।सारे काम,

किशोरी तेरे, चरणों में ।

मुझे, मिल गए, चारों...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।