गुरु भगतों के ख़ुल गये भाग

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गुरू भगतों के खुल गये भाग,

जब गुरू सेवा मिली

गुरू भगतों के भाग....

सेवा मिली थी राजा हरिश्चंद्र को,

दे दिया राज और ताज

जब गुरू सेवा मिली

गुरू भगतों के खुल गये भाग,

जब गुरू सेवा मिली

गुरू भगतों के भाग....

आप भी बिके‌ राजा,

रानी को भी बेच दिया

बेच दिया रोहित कुमार,

जब गुरू सेवा मिली

गुरू भगतों के खुल गये भाग,जब

गुरू सेवा मिली

गुरू भगतों के भाग....

सेवा करी थी भिलनी भक्त ने,प्रभु

जी पहुंच गये हैं द्वार

जब गुरू सेवा मिली

गुरू भगतों के खुल गये भाग,

जब गुरू सेवा मिली

गुरू भगतों के भाग....

सेवा में पुत्र पर‌ आरा चलवा दिया,

वो मौरध्वज महाराज

जब गुरू सेवा मिली

गुरू भगतों के खुल गये भाग,

जब गुरू सेवा मिली

गुरू भगतों के भाग....

सेवा‌ करी थी मीरा बाई ने,

लोकलाज दिन्हीं उतार

जब गुरू सेवा मिली

गुरू भगतों के खुल गये भाग,जब

गुरू सेवा मिली

गुरू भगतों के भाग....

तुमको भी गुरू जी ने मोका दिया है,

हमको भी गुरू जी मोका दिया है

आओ हो जाओ भव से पार,

जब गुरू जी की सेवा मिली

गुरू भगतों के खुल गये भाग,

जब गुरू सेवा मिली

गुरू भगतों के भाग....

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।