भगतों ने रुदन मचाया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भगतों ने रुदन मचाया

भगतों ने, रुदन मचाया, मेरा श्याम, सलोना आया ॥

मेरा श्याम, सलोना आया, मेरा श्याम, सलोना आया ॥

भगतों ने, रुदन मचाया, मेरा श्याम, सलोना...

ओ मीरा, करती पुकार, आओ, गिरधर गोपाल ॥

राणा ने, जहर पिलाया, मेरा श्याम, सलोना आया ॥

ओ सुनी, मीरा की टेर, करी, पल की ना देर ॥

झट, ज़हर को, अमृत बनाया, मेरा श्याम, सलोना आया ॥

भगतों ने, रुदन मचाया, मेरा श्याम, सलोना...

ओ करी, द्रोपदा पुकार, आओ, गिरधर गोपाल ॥

दुशासन ने, चीर हटाया, मेरा श्याम, सलोना आया ॥

सुनी, द्रोपदा की टेर, करी, पल की ना देर ॥

झट, चीर को, खूब बढ़ाया, मेरा श्याम, सलोना आया ॥

भगतों ने, रुदन मचाया, मेरा श्याम, सलोना...

ओ करी, अर्जुन पुकार, आओ, गिरधर गोपाल ॥

ये कैसा, संकट आया, मेरा श्याम, सलोना आया ॥

सुनी, अर्जुन की टेर, करी, पल की ना देर ॥

झट, गीता का, ज्ञान सुनाया, मेरा श्याम, सलोना आया ॥

भगतों ने, रुदन मचाया, मेरा श्याम, सलोना...

ओ करी, प्रहलाद पुकार, आओ, गिरधर गोपाल ॥

पिता ने खंभे से, बांधक बनाया, मेरा श्याम, सलोना आया ॥

सुनी, प्रहलाद की टेर, करी, पल की ना देर ॥

झट, नर सिंह, रूप बनाया, मेरा श्याम, सलोना आया ॥

भगतों ने, रुदन मचाया, मेरा श्याम, सलोना...

भगत वत्सल भगवान की जय

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।