मेरा दिल खो गया वृन्दावन में रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे

मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे

मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...

वृन्दावन में बांकें बिहारी,

मेरी उनकी पक्की यारी

मेरा याराना हो गया,वृन्दावन में रे

मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे

मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे

मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...

कुंज गलिंन में कुंज बिहारी,

छोड़ दी मैंने दुनिया सारी

सब कुछ भुल गया,वृन्दावन में रे

मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे

मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे

मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...

रमणरेती में रमण बिहारी,

या रज़ की है महिमा भारी

धसका पागल हो गया,वृन्दावन में रे

मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे

मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे

मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।