छोड़ो ये बैरी जमाना हमको बरसाने जाना लाडली बुलाए निज धाम चलो जी चलो बरसाना धाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छोड़ो ये बैरी जमाना

हमको बरसाने जाना

लाडली बुलाए निज धाम

चलो जी चलो बरसाना धाम

इस जग ने बहुत रुलाया

हर दिन बस दुख दिखलाया

जब भी बरसाने आया..लाडो ने सुख बरसाया

बृज रज मस्तक पे लगा के..जब राधे राधे गाया

मेरी लाडली जू आई हर बार.. चलो जी चलो बरसाना धाम...छोड़ो ये बैरी जमाना

हमको बरसाने जाना

पच्चीस में जो गलती करी थी..

छब्बीस में नहीं करूंगी...

बिसराकर सुध तन मन की..श्री श्यामा श्याम रटुंगी

डोलूँगी बृज गलियन में.. संतन का संग करूंगी..

मेरी कुटिया बनेगी इसी साल...चलो जी चलो बरसाना धाम ...छोड़ो ये बैरी जमाना

हमको बरसाने जाना

लाडो बड़ी करुणामई है..

गलती हर माफ करेंगी..

हौ तुम मोहित का गौरव.. इक दिन बृजबास भी दोगी

कर दोगी शून्य सब हिसाब..चलो जी चलो बरसाना धाम ...छोड़ो ये बैरी जमाना

हमको बरसाने जाना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।