भज ले बंदे तू नाम हरि का, नाम से ही तर जाएगा ,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भज ले बंदे तू नाम हरि का, नाम से ही तर जाएगा ,

ना धन ये तेरे, साथ जायेगा ,

ना तन ये तेरे, साथ जायेगा ,

जायेगा बस ये, नाम हरि का ,

नाम हरि का, नाम हरि का ,

भज ले बंदे तू नाम हरि का, नाम से ही तर जाएगा ,

ना कुछ हैं तेरा , ना कुछ हैं मेरा ,

जो भी मिला हैं, वो हैं हरी का ,

पावन जग में हैं, नाम हरि का ,

नाम हरि का, नाम हरि का ,

भज ले बंदे तू नाम हरि का, नाम से ही तर जाएगा ,

ना कोई रिश्ता, ना कोई नाता ,

झूठा हैं ये, सारा तमाशा ,

सच्चा हैं बस, नाम हरि का ,

नाम हरि का, नाम हरि का ,

भज ले बंदे तू नाम हरि का, नाम से ही तर जाएगा ,

क्या तूने पाया, क्या तूने खोया ,

सारी उम्र बस, माया को रोया ,

चल गई तुझ पे तो, माया हरि की ,

माया हरि की, माया हरि की ,

भज ले बंदे तू नाम हरि का, नाम से ही तर जाएगा ,

धन ही कमाया, तूने धन ही कमाया ,

क्या तूने कभी, हरि गुण गाया ,

अब तो ले ले, तू नाम हरि का ,

नाम हरि का , नाम हरि का ,

भज ले बंदे तू नाम हरि का, नाम से ही तर जाएगा ,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

Bhajan Voice - Jay Prakash Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।