बन्दें अखत्यार भला अखत्यार भला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बन्दें अखत्यार भला अखत्यार भला-3

जितना डुला आसमां भीतर ना हो अगला

बन्दें अखत्यार भला अखत्यार भला-3

बन्दें अखत्यार...

ना फिर दर-दर बिदर दर,ना हो अगला

बन्दें अखत्यार भला अखत्यार भला-3

बन्दें अखत्यार...

कहे श्री हरिदास करता किया सोहुआ, सुमेरू अचल चला

बन्दें अखत्यार भला अखत्यार भला-3

बन्दें अखत्यार...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।