तुम्हें हम ढुंढ रहे हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-थोड़ा सा प्यार हुआ है

तुझे हम ढूंढ रहे हैं,कहाँ हो मुरली वाले

या तो अब सामने आ,या हमें भी छुपाले

तुझे हम ढूंढ रहे है....

दर्द से अपना रिश्ता,पुराना हो गया है

तेरी चाहत में ये दिल ये,दीवाना हो गया है

सुन जरा धड़कनों को,हम है तेरे हवाले

या तो अब सामने आ,या हमें भी छुपाले

तुझे हम ढूंढ रहे हैं....

सफर में जिंदगी के,कुछ ऐसे मोड़आये

जिन्हें समझा था अपना,वही निकले पराये

इक तेरा है सहारा,गले से मुझे लगाले

या तो अब सामने आ, या हमें भी छुपाले

तुझे हम ढूंढ रहे हैं....

डोर साँसों की टूटे,जमाना चाहे रूठे

यही बस आरजू है,तेरा दामन ना छुटे

तड़पते है तेरे बिन,पास अपने बुलाले

या तो अब सामने आ,या हमें भी छुपाले

तुझे हम ढूंढ रहे हैं,कहाँ हो मुरली वाले

या तो अब सामने आ,या हमें भी छुपाले

तुझे हम ढूंढ रहे है....

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।