लाली दा होया हे अवतार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तरज़-खुशीयां दी छाई है बहार,जी बधाई होवे

लाली दा होया हे अवतार,जी बधाई होवे

बरसानें होवे मंगलाचार,जी बधाई होवे

लाली दा होया हे अवतार...

भादोअष्टमी लाली आई,बृज़मण्डल विच खुशींया छाई

भानुं लुटावे हिरे ज़्वार,जी बधाई होवे

लाली दा होया हे अवतार,जी बधाई होवे

बरसानें होवे मंगलाचार,जी बधाई होवे

लाली दा होया हे अवतार...

गली कुचें विच शौर हे मचेया,करूणामयी सरकार हे आई

सारे जग दी पालनहार,जी बधाई होवे

लाली दा होया हे अवतार,जी बधाई होवे

बरसानें होवे मंगलाचार,जी बधाई होवे

लाली दा होया हे अवतार...

लाली लाल दा मैल होवेगा,प्रेम रसका सागर बहेगा

धसका जाये बलिहार,जी बधाई होवे

लाली दा होया हे अवतार,जी बधाई होवे

बरसानें होवे मंगलाचार,जी बधाई होवे

लाली दा होया हे अवतार...

बाबा धसका पागल पानीपत

संपर्कंसुत्र-7206526000

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।