मुरलीवाला साथ हैं तो ड़र काहे का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भजन की तर्ज - जनम जनम का साथ हैं

मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,

सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,

वृन्दावन की इस नगरी में, मिल गया साथ तुम्हारा ,

बिहारी जी के मंदिर, फिर से हम जाए,

कान्हा जी के दर्शन, फिर से कर आए,

उनके दर्शन हो जाए तो हो उद्धार हमारा,

मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,

सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,

जब भी ये तन त्यागु , त्यागु वृन्दावन में,

फिर जो जनम पाऊ, पाऊ वृन्दावन में,

अब तेरा वृन्दावन ही, मेंरा हे सहारा,

मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,

सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,

जय हो कृष्ण कन्हैया, जय हो बाँके बिहारी,

सारे जग से प्यारी, भक्ति ये तुम्हारी,

तेरी भक्ति से ही मेंने, जीवन ये सुधारा,

मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,

सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,

Bhajan Lyrics - Jay Prakash Verma, Indore

Bhajan Voice - Jay Prakash & Priya Verma, Indore

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।